10 नवंबर को मनाया जाएगा छठ पर्व, जानें नहाय, खाय और खरना की तारीखें

10 नवंबर को मनाया जाएगा छठ पर्व, जानें नहाय, खाय और खरना की तारीखें

छठ का महापर्व देश के कई हिस्सों में जैसे बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड में बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन महिलाये संतान प्राप्ति और अपने बच्चो की सेहत अथवा लम्बी उम्र के लिए व्रत रखती है। छठ पूजा का व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है
। इस दौरान कुछ महिलाएं 36 घंटे निर्जला व्रत रखती हैं. यानी इस दौरान वे पानी भी नहीं पीतीं. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन यह पर्व मनाया जाता है । छठ व्रत में डूबते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है और फिर उगते सूरज को अर्घ्य दिया जाता है. सूर्य देव की इस दिन विशेष पूजा होती है इसलिए इसे सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। यह पर्व प्राय तौर पर 3 दिन मनाया जाता है , नहाय खाय से शुरू होने वाला यह पर्व सूर्य देव को जल देने के साथ चौथे दिन खत्म होता है
आइये जानते है इस पर्व की प्रमुख तारीखों के बारे में –

 

छठ पूजा 2021 कैलेंडर (Chhath Puja 2021 Calander)-

08 नवंबर 2021, सोमवार (Monday): नहाय खाय से छठ पूजा का आरंभ होगा.

09 नवंबर 2021, मंगलवार (Tuesday): इस दिन छठ पर्व खरना मनाया जायेगा

10 नंवबर 2021, बुधवार (Wednesday )को छठ की पूजा होगी जिसमें डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा.

11 नवंबर 2021, गुरुवार(Thursday): इस दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा और फिर छठ पूजा का समापन हो जायेगा

Chhath-Puja

नहाय खाय

छठ के प्रथम दिन घर के लोग सुबह जल्दी उठकर पूरे घर की अच्छे से साफ़ सफाई करते है और फिर पूजा सामग्री को पवित्र स्थान पर रख दिया जाता है,. इस दिन से घर के सभी सदस्‍य केवल सात्विक आहार ही ग्रहण करते हैं|

खरना

छठ पूजा का दूसरा और बहुत ही खास दिन खरना का होता है। कई क्षेत्रों में इसे लोहंडा भी कहते हैं। खरना वाले दिन व्रत रखा जाता है और रात में गुड की बनाई हुई खीर का सेवन किया जाता है। खीर खाने के बाद अगले 36 घंटो के लिए कठिन व्रत रखा जाता है। खरना वाले दिन ही छठ पूजा के लिए प्रसाद भी तैयार किया जाता है|Chhath-Puja

छठ पूजा
छठ पर्व के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल षष्ठी को संध्या के समय डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है
इस दिन व्रती महिलाएं किसी तालाव, या नदी के किनारे पर इक्कठा होती है फिर पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को
देख कर अर्घ्य देती हैं. सूर्य देवता की पूजा करने के बाद रात्रि में छठी माता की व्रत कथा सुनी जाती है और उनके भजन गाये जाते है।

छठ पूजा का चौथा दिन( समापन)
पूजा के आखिरी दिन जल्दी उठकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. 36 घंटे का कठिन व्रत पारण के बाद समापत किया जाता है|

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10 नवंबर को मनाया जाएगा छठ पर्व, जानें नहाय, खाय और खरना की तारीखें
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